ऐतिहासिक धरोहर की स्वर्णिम यात्रा:
श्रमण संघीय अमृत महोत्सव (2026-27) के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी 'कलश यात्रा' का भव्य आयोजन
श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस, नई दिल्ली द्वारा आयोजित ‘श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष 2026-27’ के अंतर्गत एक अत्यंत गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं आस्थावर्धक 'राष्ट्रव्यापी कलश यात्रा' की रूपरेखा तैयार की गई है। संघ, परंपरा और संस्कृति के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही यह यात्रा जैन समाज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है।
आस्था और धर्म का दिव्य संयोजन: एक रथ पर संजोया जाएगा अमृत कलश
इस संपूर्ण राष्ट्रव्यापी यात्रा का मुख्य आकर्षण एक विशेष रूप से सुसज्जित एवं अलंकृत 'अमृत रथ' होगा। इस रथ पर अमृत कलश को सादड़ी में पूर्ण विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं उच्च आध्यात्मिक मर्यादाओं के साथ स्थापित (प्रतिष्ठित) किया जाएगा। यह पवित्र धर्म रथ देश के कोने-कोने में भ्रमण करते हुए श्रावक श्राविकाओं को अध्यात्म और संघनिष्ठा का आलौकिक अनुभव कराएगा।
देश भर के पावन स्थानकों व तीर्थों की पवित्र माटी का समावेश
इस कलश यात्रा का मूल भाव 'एकता, सर्वधर्म-सद्भाव और अगाध आस्था' है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारतवर्ष के समस्त राज्यों एवं नगरों में स्थित पावन स्थानकों, तथा वंदनीय आध्यात्मिक स्थलों की मिट्टी को अत्यंत आदर एवं श्रद्धा के साथ इस मंगल कलश में समाहित (एकत्रित) किया जाएगा।
यह केवल मिट्टी का संग्रह नहीं, बल्कि देश भर के लाखों-करोड़ों स्थानकवासी जैन श्रावक-श्राविकाओं की अटूट भावना, त्याग, तपस्या और भक्ति का एक दिव्य संगम होगा।
दो माह की सतत यात्रा: युवा एवं महिला शाखा के कंधों पर ऐतिहासिक जिम्मेदारी
लगभग दो महीने की इस लंबी और निरंतर यात्रा के सुचारू, अनुशासित एवं भव्य संचालन की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी जैन कॉन्फ्रेंस की 'राष्ट्रीय युवा शाखा' एवं 'राष्ट्रीय महिला शाखा' को सौंपी गई है। युवा ऊर्जा का उत्साह और मातृशक्ति की अपार भक्ति व समर्पण मिलकर इस यात्रा को जन-जन तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाएंगे। देश के प्रत्येक शहर, गाँव और अंचल में जब यह रथ पहुँचेगा, तब स्थानीय समाज के सहयोग से भव्य अगवानी, प्रवचन, एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
"यह राष्ट्रव्यापी कलश यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने वाली सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन है। इसे आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गर्व की भावना से देखेंगी। श्री जैन कॉन्फ्रेंस एवं श्रमण संघ के उज्ज्वल इतिहास में यह आयोजन गौरव का एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।"
संघ भावना और संगठन का नया अध्याय
श्रमण संघ के अमृत महोत्सव के इस पावन अवसर पर आयोजित यह यात्रा पूरे देश के जैन समाज को एक सूत्र में बाँधने, नई पीढ़ी में धार्मिक संस्कारों का सिंचन करने और स्थानकवासी परंपरा के मूल्यों को उजागर करने का अनूठा माध्यम बनेगी।
समस्त संघ, समाज व श्रावक वृंद से यह अपील की जाती है कि जब भी यह मंगल कलश यात्रा आपके नगर अथवा क्षेत्र में आगमन करे, तब पूरे उत्साह, अनुशासन और भक्ति-भाव से धर्म रथ का स्वागत करें तथा इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर अपने जीवन को धन्य बनाएँ।