Service, culture, education and spiritual initiatives presented for quick access.
राष्ट्रीय मंगलाचरण, ध्वजारोहण एवं संकल्प, लोगो व थीम विमोचन तथा वेबसाइट शुभारम्भ।
75,000 मुखवस्त्रिका एवं कवर का वितरण तथा घर-घर अमृत संदेश।
7,500 विशेष नोट पैड पदाधिकारियों, शाखाओं एवं संस्थाओं को वितरित किए जाएँगे।
नए भजन एवं स्तवन, मंगल गीतों की श्रृंखला तथा डिजिटल रिलीज़।
आयोजन: श्रमण संघ की स्थापना के 75वें स्वर्णिम एवं ऐतिहासिक वर्ष के उपलक्ष्य में 'श्रमण संभीय अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 'अहिंसा एवं नशा मुक्ति अभियान' का आयोजन किया गया. नेतृत्व एवं संचालन: यह आयोजन 'श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कांग्रेस' के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अतुल जैन के दिशा-निर्देशन और राष्ट्रीय युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विपुल जैन के नेतृत्व में हुआ. अवधि: यह व्यापक जन-आंदोलन 28 सितंबर 2026 से 04 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया गया. मुख्य उद्देश्य: समाज में नैतिक
Initiative for girl child education and welfare.
Community healthcare and vision camp.
Skill development and vocational training program.
Cultural and national unity heritage procession.
Exhibition highlighting Shraman culture and heritage.
Interactive digital museum and archive.
संत समाज एवं श्रावकों के प्रेरक संदेश वीडियो, पूरे वर्ष सोशल मीडिया पर।
Screening of organizational impact documentaries.
75th anniversary commemorative memorial.
श्रमण संघ एवं जैन कार्यकर्ताओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा देशभर के संघों से आत्मीय संवाद।
Birth anniversary celebration and cultural events.
Unified women empowerment project.
Village spiritual and meditation retreat camp.
Community spiritual initiation ceremony.
Special commemorative coin, postage stamp and ticket release.
सादगीपूर्ण सामूहिक विवाह संस्कार - सामाजिक समरसता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रेरक अभियान।
अगले 25 वर्षों की राष्ट्रीय कार्ययोजना - शिक्षा, सेवा, संगठन, शोध, युवा, महिला, पर्यावरण एवं डिजिटल विकास की दिशा।
8, 9 एवं 10 मार्च 2027 - संघीय संवाद और प्रेरणा का ऐतिहासिक आयोजन।
भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह।
समाज के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का राष्ट्रीय अभिनंदन।
उपलब्धियों का उत्सव, सशक्तिकरण संकल्प, आशीर्वाद एवं अमृत महोत्सव का समापन।